एक बूँद की कहानी
आँखो मे आँसू,
समुंदर मे पानी
हसी के पीछे पीछे
दबे पाव आती है
और फिर कभी
आँखो से छलकाती है
आँखो से छलकते पानी की हम ने कहा क़ीमत जानी
एक बूँद की कहानी
आँखो मे आँसू,
समुंदर मे पानी
कभी अपनो की डाँट मे
कभी पराए की छांट मे
चुपके से आते है
चुपके से जाते है
आने-जाने की राहोमे कितने दरिया तूफ़नी
एक बूँद की कहानी
आँखो मे आँसू,
समुंदर मे पानी
Sunday, September 16, 2007
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