Thursday, August 23, 2007

~~~ लड़ाई !!! ~~~

एक दिन
चाँद लड़
पड़ा
खेलते-खेलते
तारो के
साथ.
रूठे हुए
छोटे बच्चे-सा
मुह बनाके, वो
आ गया
मेरे कमरे मैं
खिड़कीसे.
पूरी रात
फ़रियाद करता रहा
ओर
याद करता
रहा
कैसे तारोने
उसे दौड़ाया
पूरे आकाश मे
खेलते-खेलते.
मैने बहुत समज़ाया
तब जाके माना.
थोड़ा थोड़ा
फ़िरसे
खेलने लगा हर रोज़
तारो के साथ.
पर
अब उसे पता था
की
कभी कभी तारो को भी
ख़ुद को ढूँढने का
मौक़ा
देना है
इसी लिए
तबसे
अब वो एक
पूरी रात
मेरे साथ होता है!!!

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