Thursday, August 23, 2007

~~~ एक सवाल ~~~

सफ़ेद
तकिये पर पड़ा
सूखा लाल गुलाब
(रंग फीका तो नही पड़ा?)
अपने आपमे
जाने कितनी ख़ुश्बू
(शायद तुम्हारी भी!)
छिपाए
इंतज़ार मे है
की कब मैं उठाऊ
और रख दू
वापस
उन खतो के बीच
जो लिखे थे तुम्हे
(और कभी भेजे नही)
और
मैं सोचती हू
अब की बार
ख़त के साथ एक दिन
कुछ ताज़ा गुलाब
भी भिजवा दूँगी तुम्हे
तुम्ही बता दो, मर्ज़ी तुम्हारी
क्या भिजवा दू
गुलाब : लाल या
सफ़ेद?

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