Thursday, August 23, 2007

~~~ रेत ~~~

पैरो के नीचे से सरकती रेत
याद दिलाती है
मेरे हाथोमे कुछ भी
नही
मेरा वजूद
खड़े रहेने के लिए
भी
रेत का मोहताज है

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